
आमला से बबलू निरापुरे की रिपोर्ट
आमला. जलावर्धन योजना के पाइप बिछाने के लिए करीब 2 साल पहले शहर की गलियों मेंं खोदे गए सीसी रोड आज भी खुदे पड़े हैं। इस समस्या से शहरवासी खासे परेशान है और आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने आज तक इन्हें दुरुस्त नहीं कराया है। दरअसल शहर में जलसंकट के स्थाई समाधान के लिए करीब 2 साल पहले 25 करोड़ की जलावर्धन योजना स्वीकृत हुई थी। योजना के लिए पाइप लाइन बिछाने लाखों की लागत से बनी सीसी सड़कों को बीचोंबीच खोद दिया गया। सीसी रोड को जब खोदा जा रहा था, तब अनुबंध किया गया था कि पाइप लाइन बिछ जाने के बाद सीसी रोड को दुरुस्त किया जाएगा। लेकिन पाइप लाइन बिछाने के बाद भी उखड़े पड़े सीसी रोड को आज तक दुरुस्त नहीं किया गया। दो सालों से सड़क आज भी उखाड़ी पड़ी है। इसकी शिकायत के बावजूद भी न ठेकेदार द्वारा सड़क की मरम्मत की गई और न ही जनप्रतिनिधि दिलचस्पी दिखा रहे है, जबकि नगरपालिका के अधिकारी भी बर्बाद सड़कों को लेकर कुछ कहने से बच रहे है। यहीं कारण है कि जगह-जगह बर्बाद सड़के लोगों के लिए जानलेवा बन गई है।
कोल्हापुर की लक्ष्मी सिविल कंपनी कर रही काम ………..
शहर के सभी 18 वार्डो के घरों में जल पहुंचाने के लिए 25 करोड़ की जलावर्धन योजना का काम कोल्हापुर की लक्ष्मी सिविल इंजीनियरिंग कंपनी को दिया था। कंपनी द्वारा पिछले दो साल से योजना का काम किया जा रहा है। इस दौरान शहर की सड़कों को बार-बार खोदकर पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया। कुछेक वार्डो में सड़को की मरम्मत हुई भी है तो ऐसी सड़को को पुन: खोदा जा रहा, जबकि वार्ड क्रमांक 17 पुरानी बोडख़ी में सड़कों की मरम्मत तक नहीं हुई। नागरिक भारत रावत, शुभम साहू, सुमित पंडोले, योगेश टेकाम, राहुल पाटिल का कहना है कि दो साल में भले ही लोगों को योजना से एक बूंद पानी न मिला हो, लेकिन वार्डों की सीसी सड़कें हादसे की वजह जरूर बन गई हैं। सबसे ज्यादा वार्ड 17 पुरानी बोडख़ी के लोग खुदी पड़ी सड़कों से परेशान है।
शर्तों का पालन नहीं, नपा-जनप्रतिनिधि मौन ……….

एक जानकारी के अनुसार ठेकेदार को सड़क की खुदाई के बाद उसका मेंटेनेंस भी करना था, लेकिन इस बात को दरकिनार करते हुए ठेकेदार द्वारा न तो सही तरीके से गड्ढों को भर रहे हैं, न ही उनको सही तरीके से प्लेन किया है। इस समस्या को लेकर लोगों में नगरपालिका के खिलाफ आक्रोश है। शहरवासियों का कहना है कि सड़कों का अधूरा काम जल्द पूरा कराया जाए, जिससे शहरवासियों को आवाजाही में परेशानी न हो, क्योंकि वर्तमान में खुदी पड़ी सड़कों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे है। करीब दो साल से शहर के लोग खुदी पड़ी सड़कों से परेशान है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। नगरपालिका और जनप्रतिनिधि भी इस समस्या को लेकर मौन है।
आखिर इस समस्या का जिम्मेदार कौन …………..
शहर के वार्डो की सड़के पिछले करीब दो सालों से बड़े-बड़े गड्ढों के साथ ज्यों की त्यों पड़ी है। ना तो उन गड्ढों को बंद
कर लेवल किया गया और न ही उसे पुन: सीसी कराया गया। आखिर इस समस्या का जिम्मेदार कौन है, यह नगरपालिका अपनी गलती स्वीकारने को तैयार नहीं है। इसे लेकर नगरपालिका अधिकारी टालामटोली कर रहे है कि यह काम एमपीयूडीसी का है। इससे नगरपालिका का कोई लेना देना नहीं, जबकि शहर के वार्डो में लाखों की लागत खर्च कर नगरपालिका ने सीसी सड़के बनवाई थी, जो लाइन बिछाने के दौरान खुदाई से अब केवल नाममात्र की रह गई है। शहरवासियों का कहना है कि इस बारे में कई बार नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की, पर कोई हल नहीं निकला, इसे लेकर लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
इनका कहना है –
(1) निर्माण एजेंसी सड़क पर गड्ढे खोदकर मनमर्जी कर रही हैं। नगरपालिका का कोई कर्मचारी-अधिकारी निर्माण स्थल पर उपस्थित नहीं रहता। यदि कोई दुर्घटना होगी तो उसके लिए जलावर्धन योजना की एजेंसी और नगरपालिका की जिम्मेदारी होगी। शहर के अधिकतर वार्ड में भी जलावर्धन के इंजीनियरों ने मनमानी की है। गड्ढे खोद दिए हैं, लेकिन उसे समतल नहीं किया। काम के दौरान सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। कोई संकेतक बोर्ड नहीं लगाये जाते। ठेकेदार कर्मचारी मनमर्जी करते हैं। इन पर कार्यवाही की जाना चाहिए।
राजेन्द्र उपाध्याय, वरिष्ठ अधिवक्ता, आमला
(2) अभी टेस्टिंग चल रही है। कई जगह से लीकेज की समस्या आ जाती है। इसलिए अभी सड़कों की मरम्मत नहीं की है। सभी वार्डो में सड़कों की मरम्मत की जायेगी। –
अखलेश कुमार शिल्पी, इंजीनियर, जलावर्धन योजना एमपीयूडीसी।
