टीकमगढ़। शहर के सागर मार्ग स्थित प्राचीन गोंगावेर हनुमान मंदिर में बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला। अवसर था गुरुक्लब के संस्थापक, अनंत प्रयास, परिश्रम और प्रेरणा के प्रतीक, गोलोकवासी पं. श्री भारत भूषण त्रिपाठी की चौथी पुण्यतिथि का। इस अवसर पर आयोजित सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या ने पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया।
सागर से पधारे प्रसिद्ध संगीत कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन और धार्मिक गीतों की ऐसी प्रस्तुतियां दीं कि उपस्थित जनसमूह भावविभोर हो उठा। हर स्वर में भक्ति, हर ताल में आस्था और हर गीत में प्रभु का स्मरण झलक रहा था।
भजन संध्या के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में नगर के जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरुक्लब के तत्वावधान में संपन्न इस कार्यक्रम के अंत में ललित त्रिपाठी ने सभी आगंतुकों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

