इटारसी नर्मदापुरम संभाग
सहित इटारसी क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जारी शीतलहर और कड़ाके की ठंड ने रवि फसलों पर अपना गहरा असर दिखाना शुरू कर दिया है जहां, एक और मौसम गेहूं उत्पादक किसानों के लिए अमृत बनकर आया वहीं दूसरी और चना उत्पादकों के माथे पर चिंता विषय बन गया है I कृषि विज्ञानों के अनुसार वर्तमान में जो तापमान न्यूनतम 10 -7 डिग्री सेल्सियस चल रहा है वह गेहूं की फसल की बढ़वार के लिए सबसे उपयुक्त है ठंड के कारण गेहूं के पौधों में पोटाव अधिक होता है जितनी ज्यादा ठंड पड़ेगी दाना उतना ही वजनदार बनेगा किसानों का मानना है कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा तो इस बार गेहूं की बंपर पैदावार हो सकती है परंतु चने की खेती का नुकसान हो सकता हैI
- आज का सुविचार -क्रोध को थाम कर रखना हाथ में अंगार पकड़ने जैसा हैI
- सबसे पहले आप स्वयं जलते हैं I
पत्रकार-कुणाल पासवान


