टीकमगढ़। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की अध्यक्षता में आज तहसील टीकमगढ़ में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान के अंतर्गत राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में पांच वर्ष से अधिक पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता देते हुए मौके पर ही उनका समाधान कराया गया, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।
तहसील टीकमगढ़ स्थित स्थानीय उत्सव भवन में कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा एक साथ न्यायालय लगाकर राजस्व अभिलेख सुधार संबंधी आवेदनों की सुनवाई की गई। कलेक्टर श्री श्रोत्रिय, एसडीएम टीकमगढ़ श्रीमती संस्कृति मुदित लटौरिया तथा तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर की उपस्थिति में पटवारी, तहसील एवं कलेक्टर कार्यालय से संबंधित सभी आवश्यक रिपोर्ट मौके पर मंगाकर तत्काल आदेश पारित किए गए।
शिविर में एक ही दिन में 212 राजस्व अभिलेख सुधार प्रकरणों का निराकरण किया गया। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व मोहनगढ़, दिगोड़ा एवं लिधौरा तहसीलों में भी इसी प्रकार के विशेष शिविर आयोजित किए गए थे। मोहनगढ़ में 52, दिगोड़ा में 77 तथा लिधौरा में 120 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस प्रकार चारों तहसीलों में अब तक कुल 461 लंबित प्रकरणों का त्वरित समाधान किया जा चुका है।
इन प्रकरणों के लंबित रहने का प्रमुख कारण वर्ष 2011-2014 के दौरान राजस्व अभिलेखों के कंप्यूटरीकरण में हुई त्रुटियां थीं, जिसके कारण फौती दर्ज नहीं हो पा रही थी या रजिस्ट्री प्रक्रिया बाधित हो रही थी। इन जटिल समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर श्री श्रोत्रिय की पहल पर एसडीओ एवं तहसीलदार न्यायालय एक ही दिन, एक ही स्थान पर लगाए गए। मौके पर ही रिपोर्ट, अनुमति एवं आदेश की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर अभिलेखों में संशोधन किया गया तथा आवेदकों को आदेश की प्रति भी प्रदान की गई।
कलेक्टर श्री श्रोत्रिय ने कहा कि 31 मार्च तक जिले के सभी लंबित राजस्व सुधार प्रकरणों का पूर्ण निराकरण लक्ष्य है, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक दौड़-भाग से मुक्ति मिल सके। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस सक्रिय, पारदर्शी एवं जन-केंद्रित पहल की सराहना करते हुए इसे त्वरित न्याय और जवाबदेही का सशक्त उदाहरण बताया है।
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