टीकमगढ़ । दिनांक 25 फ़रवरी 2026 को जिले के पलेरा थाना अंतर्गत ग्राम बेला स्थित श्री राम नाम मंदिर परिसर में श्रद्धा, भावनाओं और सामाजिक समरसता से ओत-प्रोत वातावरण में 43 कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। इस पुनीत आयोजन में समाजसेवी संत सीताराम दास जी एवं जन प्रतिनिधियों के सहयोग से बेटियों के जीवन के नए अध्याय का शुभारंभ कराया गया। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई अपने पुलिस दल के साथ उपस्थित हुए। उन्होंने सहारा अभियान के अंतर्गत समारोह में सहभागिता कर 43 नवविवाहित वर-वधु जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा इस मानवीय पहल की सराहना की। पुलिस अधीक्षक मंडलोई ने सभी 43 नवदंपतियों से आत्मीय भेंट कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से बाराती बनकर कन्यादान में सहभागिता की तथा प्रत्येक जोड़े को उपहार भेंट कर सुखी, समृद्ध और सफल दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। यह दृश्य उपस्थित जनसमुदाय के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी रहा। इस अवसर पर श्री मंडलोई ने कहा कि पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने हेतु नीड, परी, ‘भरोसा, सहारा एवं आसरा जैसे जिला स्तरीय अभियान संचालित किए जा रहे हैं। सहारा अभियान के माध्यम से पूर्व में 73 जरूरतमंद बेटियों एवं आज 43 जरूरतमंद बेटियों सहित कुल 116 बेटियों को सहयोग प्रदान कर उनके विवाह संपन्न कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक कन्या विवाह जैसे आयोजन सामाजिक एकता, बेटी के सम्मान और नारी सशक्तिकरण के सशक्त प्रतीक हैं। पुलिस विभाग सदैव ऐसे लोककल्याणकारी प्रयासों के साथ प्रतिबद्धता से खड़ा रहेगा। कार्यक्रम की सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने विवाह प्रबन्धन समिति के समस्त पदाधिकारियों और सदस्यों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना की सराहना की। इस अवसर पर एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम, रक्षित निरीक्षक कनक सिंह चौहान, रक्षित निरीक्षक कैलाश पटेल, थाना प्रभारी पलेरा एन.डी. कोंदर, चौकी प्रभारी कनेरा उप निरीक्षक आकाश गुप्ता, उप निरीक्षक अंकित दुबे, महिला शाखा से प्रधान आरक्षक रानू विश्वकर्मा सहित थाना पलेरा एवं जिला पुलिस बल टीकमगढ़ के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सभी नवविवाहित जोड़ों को मंगलकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान करते हुए अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। यह आयोजन समाज में सहयोग, संवेदना और बेटी के सम्मान की सशक्त मिसाल बनकर उभरा।

