केसला विकासखंड में ‘उल्लास’ की लहर: 213 केंद्रों पर 2200 असाक्षरों ने दी परीक्षा I
केसला/नर्मदापुरम। “पढ़ने-लिखने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती।” इसी ध्येय वाक्य को सार्थक करते हुए विकासखंड केसला में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत असाक्षरों की परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के माध्यम से उन लोगों को साक्षर बनाया जा रहा है, जो बचपन में गरीबी या संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा से वंचित रह गए थे।
213 केंद्रों पर गूंजा अक्षर ज्ञान
विकासखंड केसला में कुल 213 सामाजिक चेतना केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर ‘अक्षर साथियों’ द्वारा स्वयंसेवक के रूप में असाक्षरों को बुनियादी शिक्षा दी जा रही है। शनिवार, 14 मार्च को आयोजित इस परीक्षा में लगभग 2200 परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता का पाठ
इन केंद्रों पर केवल अक्षर ज्ञान ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवन के लिए आवश्यक अन्य कौशलों का भी अध्यापन कराया जा रहा है:
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बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान: अंक गणित और पढ़ने-लिखने का अभ्यास।
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डिजिटल साक्षरता: मोबाइल और तकनीक का उपयोग।
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कानूनी एवं वित्तीय साक्षरता: बैंक संबंधी कार्य और अधिकारों की जानकारी।
अधिकारियों ने किया केंद्रों का अवलोकन
परीक्षा की पारदर्शिता और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए संकुल समन्वयकों और जन शिक्षकों ने जमीनी स्तर पर निगरानी की। ब्लॉक स्तर पर विकासखंड साक्षरता सह-समन्वयक श्रीमती सुषमा मौर्य ने शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला सनखेड़ा, सोनतलाई, और बिछुआ (प्राथमिक एवं माध्यमिक) केंद्रों का सघन अवलोकन किया।
श्रीमती मौर्य ने परीक्षार्थियों से चर्चा करते हुए शिक्षा की अनिवार्यता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को आत्मसम्मान के साथ जीने और आत्मनिर्भर बनने के लिए साक्षर होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।


