टीकमगढ़। जिले में महिला एवं बालिकाओं से संबंधित गंभीर अपराधों में त्वरित एवं प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई द्वारा विशेष पहल करते हुए ऐसे प्रकरणों की न्यायालयीन कार्यवाही की सतत मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तरीय पुलिस टीम का गठन किया गया है। यह टीम समय-समय पर प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए साक्षियों की उपस्थिति, साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति तथा न्यायालयीन कार्रवाई की स्थिति की रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को प्रस्तुत करती है, जिससे मामलों की सुनवाई में तेजी लाई जा सके। इसी क्रम में थाना दिगोड़ा के एक गंभीर अपराध में प्रभावी विवेचना एवं न्यायालय में साक्ष्यों की सशक्त प्रस्तुति के परिणामस्वरूप माननीय विशेष न्यायालय पॉक्सो द्वारा आरोपी राहुल कुशवाहा को दोषी करार देते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। प्रकरण क्रमांक 23/25 में धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत 3 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 87 बीएनएस के अंतर्गत 6 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 127(4) बीएनएस के अंतर्गत 3 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 351(3) बीएनएस के अंतर्गत 3 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के अंतर्गत आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। उक्त प्रकरण की विवेचना थाना दिगोड़ा के उप निरीक्षक नीरज लोधी एवं संदीप सोनी द्वारा की गई, जिन्होंने प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए साक्ष्यों का समुचित संकलन एवं विवेचना कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।
जिला पुलिस द्वारा महिला एवं बालिकाओं से संबंधित अपराधों में कठोर कार्रवाई और प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और समाज में अपराधियों के प्रति कड़ा संदेश जाए।
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