टीकमगढ़ । महिला संबंधी गंभीर अपराधों विशेषकर दुष्कर्म एवं पॉक्सो एक्ट में त्वरित एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में एक विशेष मॉनिटरिंग टीम का गठन किया गया है। यह पहल न्यायालयीन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने, साक्ष्य प्रस्तुतिकरण को प्रभावी बनाने तथा पीड़ित पक्ष को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
गठित टीम द्वारा कार्यों को सुनियोजित ढंग से क्रियान्वित किया जा रहा है जिसके अनुसार न्यायालय में लंबित गंभीर प्रकरणों में प्रगति हेतु साप्ताहिक समीक्षा प्रत्येक प्रकरण में साक्ष्य, गवाह एवं केस डायरी की सूक्ष्म निगरानी अभियोजन अधिकारियों के साथ *नियमित समन्वय बैठकें
प्रकरणवार प्रगति की डिजिटल एवं लिखित रिपोर्टिंग
पुलिस अधीक्षक को निरंतर फीडबैक एवं अपडेट
इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न्यायालय में प्रकरणों की सुनवाई में तेजी आई है तथा साक्ष्य प्रस्तुतिकरण अधिक सशक्त हुआ है। विशेष मॉनिटरिंग के प्रभावी क्रियान्वयन से वर्ष 2025 में महिला अपराधों में न्यायिक सफलता प्राप्त हुई है जिसके अनुसार कुल 13 गंभीर प्रकरणों में दोषसिद्धि इनमें से 08 प्रकरणों में आरोपियों को आजीवन कारावास,05 प्रकरणों में आरोपियों को 20 वर्ष तक का सश्रम कारावास, दोषसिद्धि दर में महत्वपूर्ण वृद्धि पूर्व वर्षों की तुलना में सुधार हुआ है जिसके मुताबिक
थाना खरगापुर क्र. 211/2022 आरोपी फूलचंद्र रैकवार: आजीवन कारावास,थाना चंदेरा क्र. 6/2022 आरोपी घनश्याम रजक आजीवन कारावास, थाना अजाक क्र. 07/2023 आरोपी हिंद सिंह यादव एवं अन्य आजीवन कारावास,थाना पलेरा क्र. 367/2023 आरोपी गोकुल कुशवाहा 20 वर्ष कारावास,थाना दिगोड़ा क्र. 198/2022 आरोपी आकाश यादव आजीवन कारावास,थाना देहात क्र. 60/2023 आरोपी राजेंद्र वंशकार 20 वर्ष सश्रम कारावास,थाना कोतवाली क्र. 785/2021 आरोपी पंकज शर्मा आजीवन कारावास,थाना बल्देवगढ़ क्र. 450/2018 आरोपी संतोष कुशवाहा 20 वर्ष सश्रम कारावास,थाना पलेरा क्र. 414/2023 आरोपी लखन रैकवार सश्रम कारावास,थाना जतारा क्र. 282/2022 आरोपी संजीव उर्फ संजय अहिरवार आजीवन कारावास,थाना बम्होरीकला क्र. 02/2023 आरोपी कैलाश कुशवाहा 20 वर्ष सश्रम कारावास,थाना खरगापुर क्र. 143/2022 आरोपी नीलेश यादव आजीवन कारावास,थाना कुड़ीला क्र. 107/2023 आरोपी छन्नू कुशवाहा सश्रम कारावास
इस विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था के परिणामस्वरूप अपराधियों में कानूनी दंड का स्पष्ट भय उत्पन्न हुआ है
पीड़ित पक्ष में न्याय प्रणाली के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है
पुलिस-अभियोजन समन्वय से मजबूत केस प्रस्तुति संभव हुई है न्यायालय में मामलों के निस्तारण की गति में वृद्धि दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। गंभीर अपराधों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों को कानून के तहत कठोरतम दंड दिलाने हेतु निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। पुलिस द्वारा अपनाई गई यह प्रोएक्टिव एवं परिणामोन्मुखी रणनीति महिला अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण तथा त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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