सावधान! 1 अप्रैल 2026 से बदल गए ऑनलाइन बैंकिंग के नियम; ‘डिजिटल अरेस्ट’ और फ्रॉड से बचने के लिए अब लागू होंगे ये 8 कड़े सुरक्षा मानक I
इटारसी। बढ़ते साइबर अपराधों और बैंकिंग स्कैम्स पर लगाम लगाने के लिए 1 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। अब आपका बैंक अकाउंट और भी सुरक्षित होगा, लेकिन इसके लिए आपको नए नियमों को जानना बेहद जरूरी है। “कुणाल की कलम” के माध्यम से हम आपको उन बदलावों से रूबरू करा रहे हैं जो आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखेंगे।
ये हैं सुरक्षा के 8 नए स्तंभ:
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डायनामिक टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन: अब हर पेमेंट का मिलान उसी स्थान से किया जाएगा जहाँ से ट्रांजेक्शन हो रहा है।
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स्क्रीनशॉट और रिकॉर्डिंग पर बैन: बैंकिंग ऐप्स में अब स्क्रीनशॉट या रिकॉर्डिंग नहीं ली जा सकेगी, जिससे स्कैमर आपका पासवर्ड या ओटीपी नहीं देख पाएंगे।
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नाइट ट्रांजेक्शन लॉक: अब आप रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक अपने अकाउंट को पूरी तरह लॉक कर सकते हैं, जिससे नींद में भी आपके पैसे सुरक्षित रहेंगे।
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मैलवेयर अलर्ट: मोबाइल में कोई भी खतरनाक या फ्रॉड ऐप डाउनलोड करते ही बैंक आपको तुरंत चेतावनी देगा।
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इन-ऐप ओटीपी: अब एसएमएस के बजाय सीधे बैंकिंग ऐप के अंदर ही सुरक्षित ओटीपी प्राप्त होगा।
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अतिरिक्त सुरक्षा सवाल: बड़े ट्रांजेक्शन पर बैंक आपसे आपकी मां का नाम या स्कूल जैसे गोपनीय सवाल पूछ सकता है ताकि आपकी पहचान सुनिश्चित हो सके।
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बिहेवियर बायोमेट्रिक्स: ऐप आपकी टाइपिंग स्पीड और हैंडलिंग के तरीके से पहचान करेगा कि ट्रांजेक्शन आप ही कर रहे हैं या कोई रोबोट।
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बड़े भुगतान पर आधार/फेस स्कैन: 5 लाख रुपये से अधिक के ट्रांजेक्शन पर अब आधार लिंक, फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन अनिवार्य होगा।
प्रशासन और “कुणाल की कलम” की टीम सभी नागरिकों से अपील करती है कि इन नियमों का पालन करें और किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें।
🌻 कुणाल पासवान का (आज का विचार) 🌻
” आपकी जागरूकता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है; सावधान रहें, सुरक्षित रहें।”
सादर,
कुणाल पासवान,
जनपक्षीय पत्रकार, इटारसी
“सच की आवाज़, जनता के साथ।”

