टीकमगढ़। जिले में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना खरगापुर (चौकी देरी) एवं थाना बम्हौरीकलां क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लाखों रुपये का मशरूका, वाहन और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना ग्राम छिद्दारी (चौकी देरी) की है, जहां फरियादी बल्दू रैकवार के घर 15-16 मार्च 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी सहित कुल करीब ₹1.88 लाख की चोरी की थी। वहीं दूसरी घटना ग्राम कुड्याला (चौकी कनेरा) की है, जहां 6-7 मार्च की रात फरियादी सूरज राजपूत के घर का ताला तोड़कर अलमारी में रखे करीब ₹5 लाख के जेवरात चोरी कर लिए गए थे। दोनों मामलों में संबंधित थानों में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई थी।
इन घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा, एसडीओपी टीकमगढ़ राहुल कटरे एवं एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी खरगापुर, बम्हौरीकलां तथा चौकी प्रभारी देरी और कनेरा के नेतृत्व में चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया।
गठित टीमों ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए। लगातार प्रयासों के बाद 30 मार्च 2026 को छतरपुर जिले के ईशानगर क्षेत्र से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के महोबा और हमीरपुर जिलों के निवासी बताए गए हैं और एक संगठित गिरोह के रूप में लंबे समय से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे नौगांव में किराए का मकान लेकर रहते थे और योजनाबद्ध तरीके से वारदात करते थे। गिरोह के सदस्य पहले सुनसान ग्रामीण क्षेत्रों में घूमकर रेकी करते थे और ऐसे मकानों को चिन्हित करते थे, जहां सीसीटीवी कैमरे न हों या घर बाहर से बंद नजर आता हो। इसके बाद देर रात 12 बजे से 4 बजे के बीच लोहे की रॉड और ग्राइंडर से ताले तोड़कर घर में प्रवेश करते थे और सीधे अलमारी या लॉकर को निशाना बनाकर जेवरात एवं नगदी लेकर फरार हो जाते थे। वारदात के दौरान कुछ सदस्य बाहर निगरानी करते थे, जबकि अन्य अंदर चोरी को अंजाम देते थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल ₹18.88 लाख मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें ₹6.88 लाख के सोने-चांदी के जेवरात एवं नगदी, एक डिजायर कार (लगभग ₹5.50 लाख) और एक बोलेरो वाहन (लगभग ₹6.50 लाख) शामिल हैं। इसके अलावा चोरी में प्रयुक्त औजार भी जब्त किए गए हैं। साथ ही आरोपियों के पास से 315 बोर के दो अवैध कट्टे और कारतूस भी बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग वे लोगों को डराने-धमकाने एवं जरूरत पड़ने पर आत्मरक्षा के लिए करते थे।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी खरगापुर निरीक्षक अंबर सिंह सिकरवार, थाना प्रभारी बम्हौरीकलां उप निरीक्षक नीतू खटीक, चौकी प्रभारी देरी उपनिरीक्षक चंदन शाक्य, चौकी प्रभारी कनेरा उपनिरीक्षक आकाश रुशिया, उपनिरीक्षक संदीप सोनी, उपनिरीक्षक मयंक नगाइच (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक रहमान खान (साइबर सेल), अजय यादव, धर्मेन्द्र साहू, रामसिंह यादव, राजकुमार कुशवाहा सहित थाना बम्हौरीकलां के शैलेन्द्र, अब्बास, मनोज यादव, अजीत सिंह, जितेन्द्र राजपूत तथा अन्य पुलिस कर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक द्वारा इस उत्कृष्ट कार्य के लिए सभी टीम सदस्यों को नगद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इस सफलता से जहां एक ओर शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का अंत हुआ है, वहीं क्षेत्र में आमजन के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और अपराधियों में पुलिस का भय भी बढ़ा है।
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