नगर पालिका सम्मेलन: इटारसी के विकास के लिए करोड़ों के प्रस्ताव मंजूर, लापरवाह ठेकेदारों पर गिरी गाज I
इटारसी। नगर पालिका परिषद इटारसी का साधारण व्यापक सम्मेलन मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को परिषद के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे की अध्यक्षता में करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में शहर के विकास, स्वच्छता और जलप्रदाय से जुड़े 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से हरी झंडी दी गई।
जल संकट से निपटने की तैयारी: 1.50 करोड़ का प्रावधान
गर्मी के मौसम को देखते हुए परिषद ने पेयजल आपूर्ति के लिए बड़े निर्णय लिए हैं। वार्डों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने के लिए 20 लाख रुपये के टेंडर को मंजूरी दी गई। इसके अलावा, पाइपलाइन और मोटर पंप मरम्मत के लिए 80 लाख तथा मेहराघाट वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के रखरखाव के लिए 50 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
लापरवाह एजेंसियों पर एक्शन: ब्लैकलिस्ट और अनुबंध निरस्त
विकास कार्यों में देरी और लापरवाही बरतने वाली फर्मों पर परिषद ने कड़ा रुख अपनाया है:
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आजाद नगर आवास योजना: 54 LIG मकानों और 16 दुकानों के निर्माण में देरी करने वाली एजेंसी भुपतानी एसोसिएट का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है। शेष कार्य के लिए 4 करोड़ रुपये की नई स्वीकृति दी गई।
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मुख्यमंत्री पेयजल योजना: कार्य में लापरवाही बरतने वाली फर्म जे.एम. बघसिया को ब्लैकलिस्ट करने और नया ठेका जारी करने का निर्णय लिया गया है।
स्वच्छता और रोशनी: अब सड़कों पर दौड़ेगी स्वीपिंग मशीन
शहर को सुंदर बनाने के लिए 50 लाख रुपये की लागत से ‘ट्रक माउंटेड रोड स्वीपिंग मशीन’ खरीदी जाएगी। मुख्य मार्गों की प्रकाश व्यवस्था के लिए 90 लाख रुपये की लागत से 3 साल की वारंटी वाली ब्रांडेड LED लाइटें खरीदी जाएंगी। साथ ही, चुनिंदा वार्डों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का कार्य निजी एजेंसी को सौंपा गया है, जिसके लिए परिषद 126 रुपये प्रति घर की दर से भुगतान करेगी।
सांस्कृतिक आयोजन और लीज फ्री-होल्ड के निर्णय
राष्ट्रीय पर्वों, हॉकी प्रतियोगिता और गौरव दिवस जैसे आयोजनों के लिए 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही, सूरजगंज क्षेत्र की सुधार न्यास योजना क्रमांक 02 को डीनोटिफाई करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिससे वहां बने 115 से अधिक मकानों के मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी। न्यास कॉलोनी के कुछ भूखंडों की लीज को 30 वर्ष पूर्ण होने पर फ्री होल्ड करने पर भी सहमति बनी।
अध्यक्ष ने कहा- “नागरिकों का हित सर्वोपरि”
नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने कहा कि परिषद का उद्देश्य शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में देरी रोकने के लिए अब वार्षिक टेंडर प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने बताया कि शहर की व्यवस्थाओं पर प्रतिदिन लगभग 3 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं और विकास की राह में बाधा बनने वाली एजेंसियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सम्मेलन में सीएमओ रितु मेहरा, सहायक यंत्री मीनाक्षी चौधरी सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद और सभापति उपस्थित रहे।
आज का विचार:
“नगर का विकास केवल ईंट-पत्थरों से नहीं, बल्कि सही समय पर लिए गए जनहितकारी निर्णयों और प्रशासनिक दृढ़ता से होता है।”
रिपोर्ट: कुणाल की कलम

