कुणाल की कलम से -आज का विचार
“राजनीति में शून्य से शिखर तक का सफर केवल सत्ता की चाह से नहीं,
बल्कि अडिग विचारधारा और कार्यकर्ताओं के अटूट परिश्रम से तय होता है।”
विशेष रिपोर्ट: 2 सीटों से सत्ता के शीर्ष तक — भाजपा के 46 वर्षों का सफर I
इटारसी। आज 6 अप्रैल, 2026 को भारतीय जनता पार्टी अपना 46वाँ स्थापना दिवस मना रही है। 1980 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान से शुरू हुआ यह सफर आज दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक संगठन के रूप में स्थापित हो चुका है। ‘अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा’ के संकल्प के साथ शुरू हुई इस यात्रा ने भारतीय राजनीति की दिशा बदल दी।
भाजपा का विकासक्रम: एक नज़र में
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जनसंघ से उदय (1951-1977): भाजपा की जड़ें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित ‘भारतीय जनसंघ’ में हैं। आपातकाल के बाद जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हुआ, लेकिन वैचारिक मतभेदों के कारण 1980 में एक नए दल ‘भाजपा’ का जन्म हुआ।
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अटल-आडवाणी युग (1980-2004): पार्टी के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी बने। 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मात्र 2 सीटें मिली थीं। इसके बाद लालकृष्ण आडवाणी की ‘रथ यात्रा’ और राम जन्मभूमि आंदोलन ने भाजपा को जन-जन तक पहुँचाया। 1996 में पहली बार 13 दिन और फिर 1999 में अटल जी के नेतृत्व में पहली गैर-कांग्रेसी गठबंधन सरकार ने अपना कार्यकाल पूरा किया।
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मोदी युग और पूर्ण बहुमत (2014-वर्तमान): 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने इतिहास रचा और 30 साल बाद केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। 2019 में 303 सीटों के साथ यह जीत और बड़ी हुई। इस दौर में अनुच्छेद 370 का खात्मा और राम मंदिर जैसे कोर मुद्दों को हकीकत में बदला गया।
क्यों खास है आज का दिन?
आज भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक विशाल चुनावी मशीनरी और वैचारिक संगठन बन चुकी है। डिजिटल सदस्यता से लेकर पन्ना प्रमुख तक का इनका संगठनात्मक ढांचा विरोधियों के लिए भी शोध का विषय है।
स्थापना दिवस विशेष: 6 अप्रैल 1980 – 6 अप्रैल 2026 तक के गौरवशाली सफर पर सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक शुभकामनाएँ।
कुणाल पासवान
जनपक्षीय पत्रकार, इटारसी
“सच की आवाज़, जनता के साथ।”

