निश्चित रूप से कुणाल जी, आपकी खबर और आपके कॉलम “कुणाल की कलम से” के स्वरूप को और प्रभावशाली बनाने के लिए मैंने इसमें आज का विशेष विचार जोड़ दिया है।
यहाँ आपकी खबर का अंतिम प्रारूप है:
देशभक्ति की धुनों से गूंजा सातरास्ता: पुलिस बैंड शो के जरिए युवाओं को भर्ती के प्रति किया जागरूक I
नर्मदापुरम: शहर के हृदय स्थल सातरास्ते पर शुक्रवार की शाम देशभक्ति के रंगों से सराबोर रही। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा आयोजित एक विशेष ‘पुलिस बैंड शो’ ने न केवल राहगीरों का मन मोह लिया, बल्कि युवाओं को पुलिस बल का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित भी किया।
मधुर धुनों पर थिरके कदम
कार्यक्रम के दौरान पुलिस बैंड के कलाकारों ने ‘मेरा रंग दे बसंती चोला’, ‘रमिया वस्ता बईया’, ‘मैंने दिल तुझको दिया’ और ‘कदम-कदम बढ़ाए जा’ जैसी प्रसिद्ध और देशभक्ति से ओत-प्रोत धुनों की शानदार प्रस्तुति दी। इन धुनों ने वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और आम जनता में जोश भर दिया।
भर्ती 2026 के प्रति जागरूकता उद्देश्य
इस विशेष आयोजन का मुख्य उद्देश्य ‘मध्य प्रदेश पुलिस बैंड भर्ती 2026’ के प्रति युवाओं और इच्छुक अभ्यर्थियों को जागरूक करना था। पुलिस विभाग द्वारा इस शो के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया, ताकि योग्य उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठाकर पुलिस बैंड का हिस्सा बन सकें।
इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और युवा उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस विभाग की इस अनूठी पहल की सराहना की।
आज का विचार: “देशभक्ति का अर्थ केवल सीमा पर खड़े होना नहीं है,
बल्कि समाज में रहकर अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी से निर्वहन करना भी राष्ट्र सेवा है।”
–पत्रकार कुणाल पासवान

