कलेक्टर ने गेहूँ उपार्जन केंद्रों का किया औचक निरीक्षण: बोले—गुणवत्ता से समझौता नहीं, किसानों को 24 घंटे में मिले तुलाई की सुविधा I
केसला/नर्मदापुरम। क्षेत्र में चल रही गेहूँ खरीदी प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति जानने के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा ने केसला ब्लॉक के अंतर्गत अग्रसेन एवं मीना वेयरहाउस में स्थापित उपार्जन केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खरीदी की गुणवत्ता, किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया।
एफएक्यू (FAQ) मानक पर जोर, सफाई के निर्देश
कलेक्टर श्री मिश्रा ने केंद्रों पर पहुँचकर स्वयं गेहूँ के सैंपल की जांच की। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को सख्त लहजे में निर्देशित किया कि शासन द्वारा निर्धारित एफएक्यू (FAQ) गुणवत्ता के मानकों से कोई समझौता न किया जाए। यदि अनाज में मिट्टी या अन्य बाहरी तत्व पाए जाते हैं, तो उसे तत्काल साफ करवाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उपार्जन नीति के अनुरूप ही खरीदी सुनिश्चित की जाए।
भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं
बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर ने केंद्र पर मौजूद मेडिकल किट का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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किसानों और हम्मालों के लिए पर्याप्त पेयजल एवं शीतल पेय की व्यवस्था रहे।
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जिन किसानों का स्लॉट बुक है, उनके अनाज की तुलाई उसी दिन सुनिश्चित हो।
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किसी भी परिस्थिति में किसान का स्कंध 24 घंटे से अधिक लंबित न रहे।
सुरक्षा के लिए ‘रेडियम टेप’ की समझाइश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की भी जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट और ट्रॉलियों पर रेडियम टेप लगाने की सलाह दी, ताकि रात्रि के समय होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
किसानों से सीधा संवाद
कलेक्टर ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से चर्चा कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया, जिस पर किसानों ने संतोष व्यक्त किया। श्री मिश्रा ने कहा कि यदि किसी भी किसान को कोई असुविधा होती है, तो वे सीधे संबंधित एसडीएम या जिला कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं, ताकि तुरंत समाधान किया जा सके।
॥ आज का विचार ॥
“परिश्रम वह चाबी है, जो सौभाग्य के द्वार खोल देती है।”
— प्रशासन और किसान का सही तालमेल ही क्षेत्र की समृद्धि का आधार है।
– कुणाल की कलम से

