कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प के उपयोग पर लगायें सख्ती से अंकुश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कोई भी दुर्घटना हुई तो कलेक्टर-एसपी होंगे जिम्मेदारत्यौहारों में नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिष्ठान बिकने नहीं पाएं
नर्मदापुरम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी तीज-त्यौहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों के दौरान सभी कलेक्टर्स और एसपी को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्यौहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प का उपयोग बिल्कुल न हो, क्योंकि लोकल मेड कार्बाइड गन और कार्बाइड लैम्प मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। मुख्यमंत्री ने दीपावली के दौरान पटाखों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी जिले में कोई विषम परिस्थिति निर्मित होती है, तो उसके लिए कलेक्टर और एसपी सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से सभी कलेक्टर्स, कमिश्नर्स और एसपी-आईजी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक भी लिया गया। नर्मदापुरम एनआईसी कक्ष से कलेक्टर आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस थोटा, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन और अपर कलेक्टर राजेश शुक्ला ऑनलाइन जुड़े रहे।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और सुरक्षा के कड़े निर्देश मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जाए ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक या साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न न हो। दीपावली पर्व पर भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए नियमित पेट्रोलिंग की जाए तथा महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। पटाखों की दुकानों को लाइसेंस देते समय सभी शर्तों का कड़ाई से पालन कराने और अवैध भंडारण व प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कार्बाइड गन के खतरे और एडवाइजरी बैठक में बताया गया कि पानी के संपर्क में आने पर कैल्शियम कार्बाइड से निकलने वाली एसीटिलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है, जो मामूली चिंगारी से भी विस्फोट कर सकती है। इस विस्फोट के कारण प्लास्टिक और धातु के कण आंख, चेहरे और त्वचा को गंभीर रूप से घायल कर देते हैं तथा त्वचा के झुलसने का खतरा रहता है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2025 में एक एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है।
मिलावटखोरी पर रहेगा सख्त पहरा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्यौहारों के दौरान खाद्य सामग्रियों में मिलावटखोरी को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। अब तक मिलावट के मामलों में 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और 42 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन अभियान चलाकर नमूने लेने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कार्रवाई के नाम पर किसी भी व्यापारी को अनावश्यक परेशान न किया जाए।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, एसीएमओ नीरज मंडलोई, एसीएस गृह संजय कुमार शुक्ल, एसीएस संस्कृति शिवशेखर शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी

