नर्मदापुरम/ जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान उपार्जन की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम अनुसार सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। धान पंजीयन की अवधि 15 सितंबर 2025 से 10 अक्टूबर 2025 तक निर्धारित की गई थी, जबकि उपार्जन अवधि 1 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल 2,24,099.91 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की गई है। पंजीयन कार्य हेतु 30 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से कुल 32,388 किसानों का पंजीयन किया गया। इनमें से कुल पंजीकृत रकबा 91,693.89 हेक्टेयर रहा, जबकि 2,386 किसानों ने विभिन्न माध्यमों से पंजीयन कराया। ई-उपार्जन पोर्टल पर कुल 70 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 50 जेवीएस गोदाम स्तरीय, 16 शासकीय गोदाम स्तरीय, 1 समिति स्तरीय एवं 3 मंडी स्तरीय केंद्र शामिल हैं। अब तक कुल 20,132 स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है। इनमें से 69 केंद्रों पर खरीदी की जा रही है।
धान उपार्जन के तहत अब तक 4,378 किसानों द्वारा विक्रय किया गया है। आज दिनांक को 10,043 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जबकि कुल खरीदी की मात्रा 49,789 मीट्रिक टन तक हो चुकी है। इसमें से 43,050 मीट्रिक टन धान परिवहन हेतु रेडी टू ट्रांसपोर्ट है, जबकि 6,739 मीट्रिक टन शेष है। परिवहन कार्य के अंतर्गत अब तक 32,046 मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है, जो कुल रेडी टू ट्रांसपोर्ट मात्रा का 74.44 प्रतिशत है। वहीं, कुल स्वीकृत पत्रक मात्रा 23,950 मीट्रिक टन है। उपार्जित स्कंद के विरुद्ध 45.01 करोड़ रुपये की राशि के ईपीओ (EPO) जनरेट किए जा चुके है।

