छेड़छाड़ के आरोपी को 5 वर्ष का सश्रम कारावास, सिवनी मालवा न्यायालय का बड़ा फैसला I
नर्मदापुरम (सिवनी मालवा)। नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और उनके सम्मान को लेकर न्यायालय ने एक कड़ा संदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (सिवनी मालवा) श्रीमती तबस्सुम खान के न्यायालय ने आरोपी रितिक को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाते हुए 05 वर्ष के सश्रम कारावास और 2000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
मामले का संक्षिप्त विवरण
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने 13 अगस्त 2023 को एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि उसके गांव का रहने वाला आरोपी रितिक पिछले एक साल से उसे बुरी नीयत से परेशान कर रहा था।
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प्रमुख घटना: 3 अक्टूबर 2022 (दुर्गा अष्टमी) की रात करीब 9 बजे, जब पीड़िता गरबा खेलने जा रही थी, तब आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर अभद्र बातें कीं और चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया।
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लगातार प्रताड़ना: आरोपी स्कूल के बाहर और रास्ते में भी पीड़िता का पीछा करता था और उसे इशारों से परेशान करता था। अंततः डर के कारण पीड़िता ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने धारा 354, 506 भादवि और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।
न्यायालय का फैसला और दंड
अपर लोक अभियोजक राकेश यादव द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और सशक्त तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। सजा का विवरण निम्न अनुसार है:
| विवरण | दंड / राशि |
| मुख्य कारावास | 05 वर्ष (सश्रम) |
| अर्थदण्ड | 2,000/- रुपये |
| अर्थदण्ड न भरने पर | 03 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास |
| पीड़िता को सहायता | 20,000/- रुपये प्रतिकर राशि (अनुशंसित) |
सशक्त पैरवी
शासन की ओर से इस महत्वपूर्ण मामले में पैरवी अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता राकेश यादव (अपर लोक अभियोजक, सिवनी मालवा) द्वारा की गई। उनके द्वारा प्रस्तुत गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को समाज के विरुद्ध अपराध का दोषी माना।

पत्रकार-कुणाल पासवान
Mob-7581988260
