टीकमगढ़ । भारतीय किसान संघ के बैनर तले 06 अप्रैल 2026 सोमवार के प्रदेश भर की सभी तहसीलों में एक साथ ज्ञापन हुआ इसी कड़ी में टीकमगढ़ जिले की सभी नौ तहसीलों में एक साथ ज्ञापन दिया गया। भारतीय किसान संघ जिलाध्यक्ष शिव मोहन गिरि ने कहा कि सरकार किसानों को बेवकूफ बनाना बंद करे। जहां किसान मुसीबत में होगा वहां भारतीय किसान संघ खड़ा होगा। भारतीय किसान किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की गई है कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी की तारीख बार-बार बढ़ाने पर किसानों में रोष व्याप्त है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। जहाँ सरकार किसानों आय दो गुना से आठ गुना तक बढ़ाने की बात कर रही कृषि कल्याण वर्ष मना रही है । सहकारी बैंकों द्वारा 0 प्रतिशत ब्याज पर सेवा सहकारी संस्था की ड्यू डेट 28 मार्च के बाद नहीं बढ़ाए जाने पर किसानों को साल भर का 07 प्रतिशत ब्याज एवं 14 प्रतिशत दंड लग गया इससे किसानों पर आर्थिक बोझ आ गया। क्यों कि सरकार ने गेहूँ खरीदी की तारीख 10 अप्रैल कर दी और सोसायटी के पैसे जमा करने की तिथि 28 मार्च ऐसे में किसान पैसे कहा से जमा करेंगे ऐसे में करीब 60 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर हो गए हैं पिछले वर्ष के डिफाल्टर किसानों को सरकार द्वारा ब्याज की राशि वापस करने का वादा किया था जो आज तक पूरा नहीं हुआ है ।गेहूँ के खापे परालीजलाने पर किसानों पर FIR करना बहुत ही गलत है। अन्नदाता को जेल भेजना एवं अर्थदंड लगना ठीक नहीं है इससे तो यह प्रतीत होता है कि सरकार किसानों के प्रति कितनी गंभीर है किसानों के देशद्रोही जेसा व्यहवार किया जा रहा है जो इस देश को अन्न उत्पादन कर देता है हम देश जवाबदार जन संघठन होने के नाते सरकार को यह चेतावनी देते हैं कि सरकार जब तक पराली के निष्पादन के लिए कोई स्थाई हल नहीं निकाले तब तक किसानों पर कोई कार्यवाही नहीं की जाए । इस बार किसानों ने दिन, रात कड़ाके की ठंड में मेहनत एवं सरकार के द्वारा उपलब्ध संसाधन से मध्य प्रदेश में गेहूँ का बंपर उत्पादन हुआ है सरकार को 11 क्विंटल प्रति बीघा के हिसाब से गेहूॅं की खरीदी समर्थन मूल्य पर करना चाहिए। शासन प्रशासन को जानकारी हे कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी प्रतिवर्ष होती है तब भी बारदान की व्यवस्था नहीं होना शासन की अक्षमता तथा घोर लापरवाही है जिसका दण्ड किसानों को भुगतना पड़ रहा है जिम्मेदारों को चिन्हित करके कार्यवाही होना चाहिए। ग्रीष्म कालीन मूंग खरीदी का पंजीयन सरकार शीघ्र शुरू करे। जिले की सभी मंडियों को संचालित किया जाए व जिले की सभी मंडियों के अंदर खरीदी क्यों नही होती इसकी जांच कराई जाए। ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल की तुरंत जांचकर मुआवजा राशि किसानों को दी जाए। भारतीय किसान संघ ने कहा कि उपरोक्त समस्या का हल सरकार अतिशीघ्र करें अन्यथा भारतीय किसान संघ आन्दोलन को बाध्य होगा। प्रेस को यह तमाम जानकारी भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष शिवमोहन गिरी ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी है।

