झारखंड के देवघर से अंतरराज्यीय साइबर गिरोह गिरफ्तार, नर्मदापुरम पुलिस और साइबर सेल की बड़ी सफलता
नर्मदापुरम। जिले में साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा एस. थोटा के नेतृत्व में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने झारखंड के देवघर जिले से एक ही परिवार के तीन शातिर जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो APK फाइल भेजकर लोगों के बैंक खाते खाली कर देते थे।
क्या था पूरा मामला?
मामले का खुलासा तब हुआ जब सदर बाजार निवासी निजाम उल हक ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। फरियादी के मुताबिक, 28 जनवरी 2026 को उनके WhatsApp पर RTO चालान के नाम से एक संदिग्ध APK फाइल आई थी। जैसे ही उन्होंने उस पर क्लिक किया, दो दिन के भीतर उनकी मोबाइल सिम बंद हो गई। जब उन्होंने नई सिम चालू करवाई, तो पता चला कि उनके बैंक खातों से ₹95,000/- पार कर दिए गए हैं।
पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
झारखंड में दबिश देकर आरोपियों को दबोचा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी जितेंद्र पाठक के मार्गदर्शन में साइबर सेल ने डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच की कड़ी झारखंड के देवघर जिले से जुड़ी मिली। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया:
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अरुण मेहरा (48 वर्ष)
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पवन मेहरा 3. ललन कुमार मेहरा (19 वर्ष)
यह तीनों आरोपी ग्राम धुँधुवाजोरी, जिला देवघर के निवासी हैं। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर 18 अप्रैल 2026 को न्यायालय में पेश किया।
सावधान! ऐसे खाली होते हैं आपके खाते (Modus Operandi)
पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी सबसे पहले किसी व्यक्ति का WhatsApp हैक करते थे, फिर उसके परिचितों को ‘RTO चालान’ या अन्य लुभावने नाम से APK फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित उस फाइल को इंस्टॉल करता, आरोपी उसके मोबाइल का रिमोट एक्सेस प्राप्त कर लेते थे। इसके बाद वे बैंकिंग OTP पढ़कर चुपचाप पैसे ट्रांसफर कर लेते थे।
पुलिस की जनहित अपील
प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है:
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अज्ञात नंबर से प्राप्त किसी भी APK फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
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कोई भी अनधिकृत ऐप इंस्टॉल न करें।
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बैंकिंग जानकारी और OTP कभी साझा न करें।
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साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 या जिला साइबर हेल्पलाइन 7049126590 पर सूचना दें।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस सफल कार्यवाही में कोतवाली प्रभारी निरी. कंचन सिंह ठाकुर, उनि जितेंद्र चौहान, सउनि रेवाराम गायकवाड, प्र.आर. अनिल यदुवंशी सहित साइबर सेल और कोतवाली की टीम का विशेष योगदान रहा।


