दीवान कॉलोनी में सड़क निर्माण पर मचा रार: रहवासियों ने लगाया पक्षपात का आरोप, ‘नेताओं’ की गली चमकी, आम जनता अब भी धूल में I
इटारसी। शहर के वार्ड क्रमांक-02 स्थित दीवान कॉलोनी में सड़क निर्माण को लेकर गहरा असंतोष पनप रहा है। कॉलोनी के स्थानीय निवासियों ने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सड़क निर्माण के नाम पर उनके साथ खुला भेदभाव किया गया है। रहवासियों का कहना है कि हस्ताक्षर सभी से कराए गए थे, लेकिन लाभ केवल रसूखदारों को पहुँचाया गया।
क्या है पूरा मामला?
कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि सड़क सुधार और निर्माण के लिए पूरी कॉलोनी के रहवासियों से हस्ताक्षर अभियान चलाकर आवेदन तैयार करवाया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि पूरी कॉलोनी की समस्या का समाधान होगा। लेकिन जब निर्माण कार्य शुरू हुआ, तो नजारा कुछ और ही था। रहवासियों के अनुसार, सड़क का सुधार केवल उन्हीं लोगों के घरों के सामने किया गया है जो राजनीतिक लोगों से संबंध रखते है या राजनीति में अच्छी पैठ रखते हैं।
आम जनता के साथ छलावा
दीवान कॉलोनी के स्थानीय नागरिकों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, “जब हस्ताक्षर की जरूरत थी, तब पूरी कॉलोनी को एक बताया गया, लेकिन जब सड़क बनाने की बारी आई, तो आम लोगों को छोड़ दिया गया और केवल ‘राजनीतिक लोगों से संबंध रखने वालों‘ के आंगन चमका दिए गए।
प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल
यह मामला नगर पालिका और स्थानीय विकास कार्यों की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करता है। कॉलोनी वासियों ने अब इस पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ एकजुट होकर उच्च अधिकारियों और क्षेत्रीय विधायक तक अपनी बात पहुँचाने का निर्णय लिया है। उनकी मांग है कि विकास कार्यों में ‘चेहरा’ देखकर काम करने की संस्कृति बंद होनी चाहिए I
कुणाल की कलम से: “लोकतंत्र में विकास का अधिकार सबका होता है,न कि केवल राजनीतिक लोगों से संबंध रखने वाले लोगों का। जब टैक्स की पर्ची हर घर में समान रूप से पहुँचती है, तो विकास की डामर सड़क आम आदमी की गली तक पहुँचने में भेदभाव कैसा?”
पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी

