संसदीय समिति की बैठक में सांसद माया नारोलिया ने उठाई शहरी गरीबों की आवाज, पीएमएवाई-यू 2.0 पर दिया जोर I
नई दिल्ली/इटारसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सभी के लिए आवास’ के संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। नई दिल्ली स्थित संसदीय शोध विस्तार (एनेक्सी) के कक्ष संख्या 515 में आयोजित ‘आवासन और शहरी कार्य संबंधी स्थायी समिति’ की इस उच्चस्तरीय बैठक में मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद श्रीमती माया नारोलिया ने सक्रिय रूप से भाग लिया और झुग्गीवासियों के पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
संकल्प से सिद्धि: ‘सभी के लिए आवास’ की समीक्षा समिति के अध्यक्ष श्री मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य एजेंडा ‘झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास और पुनर्वास पहल’ की प्रगति की समीक्षा करना था। बैठक में PMAY-U 2.0 (प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी) के प्रभावी क्रियान्वयन पर गहन मंथन किया गया। सांसद श्रीमती नारोलिया ने चर्चा के दौरान कहा कि यह योजना शहरी निर्धनों के लिए न केवल एक पक्की छत सुनिश्चित करेगी, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा का नया संचार भी करेगी।
मध्यप्रदेश के विकास पर विशेष ध्यान सांसद श्रीमती नारोलिया ने बैठक में विशेष रूप से मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में चल रही आवास योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि राज्य के पात्र परिवारों और झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को इस नई पहल का अधिकतम और त्वरित लाभ मिले। उन्होंने योजना की बारीकियों और लाभार्थियों तक लाभ पहुँचाने की कार्ययोजना को और अधिक सरल बनाने पर बल दिया।
बैठक में समिति के अन्य सदस्य और संबंधित मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और झुग्गी पुनर्विकास के मॉडल पर अपने विचार साझा किए।
कुणाल की कलम से: “एक पक्का घर सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि एक गरीब परिवार के सपनों की बुनियाद होता है। जब नीतियां दिल्ली के बंद कमरों से निकलकर बस्तियों की गलियों तक पहुँचती हैं, तभी ‘संकल्प से सिद्धि’ का मार्ग प्रशस्त होता है।”
पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी

