टीकमगढ़। जिला पुलिस कार्यालय, टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के द्वारा आज दिनांक 28 अप्रैल 2026 को पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक खुला संवाद सत्र आयोजित किया गया। जिसका उद्देश्य पुलिस बल के सदस्यों की कार्य परिस्थितियों, व्यक्तिगत चुनौतियों एवं कल्याण संबंधी मुद्दों को समझना एवं उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।
इस सत्र का स्वरूप औपचारिक न होकर पूर्णतः संवादात्मक एवं सहभागितापूर्ण रहा, जिसमें पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक कर्मचारी की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता के साथ संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक मजबूत पुलिस व्यवस्था का आधार केवल अनुशासन नहीं, बल्कि परस्पर विश्वास, सहयोग और संवेदनशीलता है।
➡️ सहानुभूति से समाधान — संकट में मिला त्वरित सहयोग
संवाद के दौरान एक आरक्षक द्वारा पारिवारिक समस्या साझा की गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्परता दिखाते हुए अवकाश स्वीकृत किया, जिससे कर्मचारी को अपने परिवार के साथ समय बिताने एवं समस्या के समाधान का अवसर मिल सका। यह कदम पुलिस प्रशासन की मानवीय कार्यशैली को दर्शाता है।
🛡️ कर्मचारी कल्याण को प्राथमिकता — दिए गए स्पष्ट निर्देश
पुलिस अधीक्षक द्वारा कर्मचारियों के हित में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए—
▪️ अवकाश संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए
▪️ स्वास्थ्य एवं पारिवारिक समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता दी जाए
▪️ अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाए
▪️ कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
🔺इसके साथ ही एनपीएस योजना के लाभों की जानकारी साझा की गई एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति (मेडिकल बिल) से जुड़े मामलों के शीघ्र निराकरण हेतु संबंधित शाखा को निर्देशित किया गया।
👉 पुलिस अधीक्षक का संदेश
“संतुलित एवं आश्वस्त पुलिस बल ही समाज में विश्वास और सुरक्षा की भावना स्थापित कर सकता है। हमारे लिए यह आवश्यक है कि हम अपने प्रत्येक कर्मचारी के साथ संवेदनशीलता एवं सम्मान के साथ खड़े रहें।”
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा, रक्षित निरीक्षक कनक सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
टीकमगढ़ पुलिस — संवेदनशीलता, समर्पण और विश्वास का संगम

