जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने संभाला मोर्चा: उपार्जन केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर गिरेगी गाज l
नर्मदापुरम/इटारसी। कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा के सख्त निर्देशों के बाद अब जिले में गेहूं उपार्जन की व्यवस्थाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक अमला मैदान में उतर गया है। इसी कड़ी में जिला पंचायत सीईओ श्री हिमांशु जैन ने विभिन्न केंद्रों का सघन दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की असुविधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सर्वेयर को हटाने के निर्देश और खरीदी प्रभारियों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अमले ने नीलम वेयरहाउस सनखेड़ा, ज्योति वेयरहाउस घाटली, रघुवीर वेयरहाउस और जिला नारी शक्ति स्व-सहायता समूह मेहरागांव सहित कई केंद्रों की जांच की। इस दौरान नारी शक्ति समूह में अमानक गेहूं खरीदे जाने पर सीईओ ने तत्काल सर्वेयर को हटाने के निर्देश दिए। वहीं, सेमरीखुर्द और माखननगर के शिवांश वेयरहाउस के प्रभारियों के विरुद्ध भी जांच शुरू कर दी गई है, क्योंकि इटारसी डिपो में अनलोडिंग के वक्त ट्रकों में मिट्टी की अधिक मात्रा पाई गई।
सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी ने सुनी किसानों की समस्याएं
नर्मदापुरम कृषि उपज मंडी के निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री हिमांशु जैन के साथ सांसद श्री दर्शन सिंह चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने स्वयं किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं को सुना। किसानों ने उपार्जन प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों से अवगत कराया, जिसके त्वरित निराकरण के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीईओ ने केंद्रों पर हम्मालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि तुलाई कार्य में देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
किसानों के लिए छाया, शीतल जल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था अनिवार्य रूप से हो।
केवल मानक गुणवत्ता का ही गेहूं खरीदा जाए।
उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।
प्रशासन की इस सक्रियता से उन बिचौलियों और लापरवाह अधिकारियों में हड़कंप है जो उपार्जन कार्य में अनियमितता बरत रहे थे।
आज का विचार: “प्रशासनिक सतर्कता ही सार्वजनिक व्यवस्था की सफलता का आधार होती है।”
– पत्रकार कुणाल पासवान

