टीकमगढ़। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती प्रवीणा व्यास के मार्गदर्शन में जिला जेल का निरीक्षण किया गया। डीएडब्ल्यूएन स्कीम अंतर्गत 5 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक साप्ताहिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला जेल में नालसा नशा पीड़ितों के लिए विधिक सहायता योजना पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रीमती सुनीता गोयल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टीकमगढ़ द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित बंदियों को संबोधित करते हुए नालसा नशा पीड़ितों के लिए विधिक सहायता योजना के उददेश्य और महत्व की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उददेश्य नशा पीड़ित व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना है। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। विशेष रूप से युवाओं पर नशे का अत्यंत घातक प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में नशे की लत लगने से न केवल शारीरिक विकास प्रभावित होता है बल्कि मानसिक एवं बौद्धिक विकास भी बाधित हो जाता है। उन्होंने कैदियो से आहवान किया कि वे नशे के दुष्चक्र से बाहर निकलने का संकल्प लें और समाज की मुख्यधारा से पुनः जुडने का प्रयास करें। इस योजना के माध्यम से नशा पीड़ितों को उपचार, परामर्श औन पुनर्वास संबंधी सुविधाए उपलब्ध कराई जाती है जिससे वे एक सम्मानजनक जीवन की ओर लौट सकें। कार्यक्रम के दौरान जिला टीकमगढ़ के उपअधीक्षक द्वारा विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रयासों की सराहना की गई और ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों को बंदियों के सुधार एवं पुनर्वास की दिश में अत्यंत उपयोगी बताया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी अनुज कुमार चंसौरिया, जेल उपअधीक्षक श्री ए.के. शुक्ला, सहित विधिक सेवा प्राधिकरण, एवं जिला जेल के कर्मचारीगण एवं बंदीगण उपस्थित रहे।

