खाकी में मानवीय चेहरा: चलती ट्रेन में प्यासी बच्ची की पुकार सुन आरपीएफ जवान ने बुझाई प्यास, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ I
इटारसी। भीषण गर्मी और ट्रेनों में उमड़ रही यात्रियों की भारी भीड़ के बीच इटारसी रेलवे स्टेशन से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। जहाँ एक तरफ भीड़भाड़ और शोर-शराबे में लोग अपनों तक सीमित रहते हैं, वहीं आरपीएफ के एक जवान ने अपनी तत्परता से यह साबित कर दिया कि वर्दी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धड़कता है।
भीड़ में अनसुनी रह गई मासूम की पुकार
इन दिनों गर्मी की छुट्टियों के कारण ट्रेनों के स्लीपर और जनरल कोचों में पैर रखने की जगह नहीं है। इसी बीच इटारसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक ट्रेन की खिड़की से एक मासूम बच्ची बोतल में पानी भरने के लिए गुहार लगा रही थी। गर्मी से बेहाल बच्ची की आवाज प्लेटफॉर्म पर मौजूद कई लोगों के कानों तक पहुँची, लेकिन भीड़ की आपाधापी में हर कोई उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ता रहा।
देवदूत बनकर आए आरपीएफ जवान हरप्रताप सिंह
तभी ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान हरप्रताप सिंह परमार की नजर उस बच्ची पर पड़ी। बच्ची की प्यास और उसकी बेबसी देख जवान ने एक पल की भी देरी नहीं की। उन्होंने तुरंत बच्ची से खाली बोतल ली और दौड़कर पानी भरकर लाए। इस बीच ट्रेन ने गति पकड़ ली थी, लेकिन जवान हरप्रताप सिंह ने अपनी परवाह न करते हुए चलती ट्रेन के साथ दौड़कर खिड़की से बच्ची को पानी की बोतल थमाई।
वीडियो वायरल, हर तरफ हो रही प्रशंसा
पानी मिलने के बाद मासूम के चेहरे पर आई मुस्कान ने वहाँ मौजूद हर शख्स का दिल जीत लिया। इस पूरे वाक्य का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसने भी इस दृश्य को देखा, वह जवान हरप्रताप सिंह परमार के इस सेवा भाव और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा करते नहीं थक रहा है। रेल प्रशासन और आम नागरिकों ने जवान के इस कार्य को अन्य सुरक्षाकर्मियों के लिए एक मिसाल बताया है।
आज का विचार: “परोपकार ही सबसे बड़ा धर्म है।
किसी प्यासे की प्यास बुझाना और संकट के समय मदद के लिए ,
हाथ बढ़ाना ही सच्ची मानवता है।
वर्दी केवल अधिकार का नहीं, बल्कि सेवा का भी प्रतीक है।”
– पत्रकार कुणाल पासवान

