नर्मदापुरम: चक्काजाम करने वाले ग्रामीणों और कांग्रेस नेता पर एफआईआर, 48 लाख के बिजली बिल बकाया पर कटा था ट्रांसफार्मर I
सोहागपुर/नर्मदापुरम। थाना सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम रानी पिपरिया में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्यवाही की है। बिजली कटौती के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीणों और स्थानीय नेतृत्व के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
विवाद की जड़: ₹48.88 लाख का बकाया बिल
मामले की शुरुआत बिजली विभाग की बकाया वसूली मुहिम से हुई। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक प्रबंधक विक्रांत धुर्वे (वितरण केंद्र पिपरिया ग्रामीण उत्तर) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:
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ग्राम रानी पिपरिया पर कुल 48 लाख 88 हजार रुपये का घरेलू विद्युत देयक बकाया है।
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विभाग द्वारा 17 मार्च 2026 को समाधान योजना के तहत वसूली कैंप लगाया गया और घर-घर जाकर समझाइश दी गई।
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राशि जमा न होने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए उन 4 ट्रांसफार्मरों की सप्लाई बंद कर दी, जहाँ 100% बकाया था।
हाईवे पर प्रदर्शन और यातायात बाधित
बिजली कटने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार (18 मार्च 2026) को नर्मदापुरम-पिपरिया हाईवे पर मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लकड़ियां और अन्य सामग्री डालकर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया। इस चक्काजाम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल थे, जिससे घंटों तक राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन लोगों पर दर्ज हुई प्राथमिकी (FIR)
पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने और आम नागरिकों को परेशान करने के आरोप में नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। मुख्य आरोपियों में शामिल हैं:
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पुष्पराज पटेल (कांग्रेस नेता, सोहागपुर)
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चंदन सिंह कुशवाहा
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धनराज कुशवाहा
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मिश्रीलाल कुशवाहा
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ख्याली कुशवाहा
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कामता प्रसाद नागवंशी
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जीवन ठाकुर (सभी निवासी रानी पिपरिया) इसके अलावा अन्य अज्ञात ग्रामीणों के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है।
कानूनी कार्यवाही
सोहागपुर पुलिस ने बिजली विभाग के कार्यालयीन पत्र के आधार पर उक्त सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2) और 3(5) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन का यह तरीका गैर-कानूनी था, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था भंग हुई।

पत्रकार-कुणाल पासवान
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