नर्मदापुरम: जल-गंगा संवर्धन अभियान को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प, माखनलाल चतुर्वेदी महाविद्यालय में संगोष्ठी आयोजित I
माखननगर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए शुरू किए गए ‘जल-गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत आज माखननगर स्थित माखनलाल चतुर्वेदी महाविद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को जल संरक्षण की महत्ता और इस वृहद अभियान की बारीकियों से अवगत कराया गया।
100 दिवसीय अभियान: ₹2500 करोड़ का निवेश
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जन अभियान परिषद के परामर्शदाता हरीश नामदेव ने बताया कि यह 100 दिवसीय अभियान 19 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 30 जून 2026 तक चलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग ₹2500 करोड़ की लागत वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की नदियों, तालाबों, कुओं और बावड़ियों का जीर्णोद्धार करना है। इसके तहत पुराने जल ढांचों की मरम्मत के साथ-साथ नए जल संचयन क्षेत्रों का निर्माण भी किया जा रहा है।
विभागीय समन्वय और जन-भागीदारी
परामर्शदाता पूनम मीना ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसमें मनरेगा, अमृत 2.0 सहित कुल 18 विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि जल स्रोतों के आसपास व्यापक वृक्षारोपण इस अभियान का एक अनिवार्य हिस्सा है, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे।
वहीं, परामर्शदाता मनीष यादव ने छात्रों को इस अभियान से जुड़ने के व्यावहारिक तरीके बताए। उन्होंने युवाओं को अपने क्षेत्रों में:
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प्रभातफेरी और कलश यात्रा निकालने,
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जल स्रोतों और वृक्षों का पूजन करने,
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मानस पाठ एवं भजन संध्या जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जागरूकता फैलाने,
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तथा सार्वजनिक प्याऊ की स्थापना करने हेतु प्रेरित किया।
सफल आयोजन
कार्यक्रम का कुशल संचालन परामर्शदाता राकेश कीर द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में परामर्शदाता हर्ष तिवारी ने सभी अतिथियों, महाविद्यालय प्रबंधन और छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे, जिन्होंने जल की हर बूंद को बचाने और इस अभियान को एक जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

पत्रकार-कुणाल पासवान
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