अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर उठी मांग: राष्ट्रीय खिलाड़ियों को मिले ‘बीमा सुरक्षा’ का कवच I
इटारसी। आज 6 अप्रैल, अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नर्मदापुरम जिला कांग्रेस खेल-खिलाड़ी प्रकोष्ठ ने प्रदेश के खिलाड़ियों के भविष्य और सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक महत्वपूर्ण मांग पत्र भेजा है। प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रामशंकर सोनकर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में मध्य प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से बीमा सुरक्षा (Insurance Cover) प्रदान की जाए।
अनहोनी की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा का अभाव
रामशंकर सोनकर ने अपने पत्र में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ी किसी भी प्रकार की बीमा सुरक्षा से वंचित हैं। खेल के मैदान पर अभ्यास के दौरान या प्रतियोगिता के लिए यात्रा करते समय यदि किसी खिलाड़ी के साथ कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना होती है, तो उन्हें शासन की ओर से कोई उचित क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त नहीं होती है। उचित आर्थिक सहायता के अभाव में कई बार प्रतिभावान खिलाड़ी सही उपचार न मिल पाने के कारण अपना करियर खो देते हैं।
प्रमुख मांगें और तर्क:
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विशेष बीमा पॉलिसी: शासन से मांग की गई है कि खिलाड़ियों के जोखिम और खेल श्रेणी को देखते हुए एक समर्पित बीमा पॉलिसी तैयार की जाए।
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त्वरित आर्थिक सहायता: बीमा कवर होने की स्थिति में दुर्घटना के समय खिलाड़ियों को बेहतर इलाज और जरूरी आर्थिक संबल मिल सकेगा।
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शासन का उत्तरदायित्व: जिला अध्यक्ष ने जोर दिया कि राज्य का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन का प्राथमिक कर्तव्य है, जिसे अब तक अनदेखा किया गया है।
सूचना: यह प्रेस नोट रामशंकर सोनकर, जिला अध्यक्ष, कांग्रेस खेल-खिलाड़ी प्रकोष्ठ, नर्मदापुरम द्वारा जारी किया गया है।
निष्कर्ष: अंतरराष्ट्रीय खेल दिवस पर उठी यह मांग न केवल नर्मदापुरम बल्कि पूरे प्रदेश के खिलाड़ियों के हितों की रक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। अब देखना यह है कि शासन इन ‘खेल रत्नों’ की सुरक्षा के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाता है।

कुणाल पासवान
जनपक्षीय पत्रकार, इटारसी
“सच की आवाज़, जनता के साथ।”

