वनखेड़ी कांग्रेस में ‘इस्तीफा पॉलिटिक्स’ का अंत: पंकज प्रजापति ही रहेंगे नगर अध्यक्ष, वरिष्ठ नेताओं की समझाइश के बाद लिया फैसला I
इटारसी/वनखेड़ी: वनखेड़ी नगर कांग्रेस अध्यक्ष पंकज प्रजापति के इस्तीफे को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही कश्मकश आखिरकार आज समाप्त हो गई। इटारसी स्थित नगर कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई मैराथन चर्चा के बाद पंकज प्रजापति ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है और वे अपने पद पर बने रहकर पार्टी को मजबूत करने का कार्य जारी रखेंगे।
वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई सार्थक चर्चा
इस्तीफे की खबरों के बीच आज पंकज प्रजापति, प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार केलू उपाध्याय, जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष विजय बाबू चौधरी और पूर्व नगर अध्यक्ष पंकज राठौर के साथ इटारसी पहुंचे। यहाँ संगठन की मजबूती और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर वरिष्ठ नेताओं के बीच सकारात्मक संवाद हुआ।
वीडियो कॉल पर सुलझा मामला
चर्चा के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत ‘गुड्डन’ पांडे से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क किया गया। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि संगठन को उनके जैसे कर्मठ सिपाही की आवश्यकता है, जिसके बाद पंकज प्रजापति ने राहुल गांधी और जीतू पटवारी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए अपनी सेवाएं निरंतर देने की बात कही।
नेताओं के आधिकारिक बयान:
“मैंने पारिवारिक कारणों और समय की कमी के चलते इस्तीफे की पेशकश की थी। लेकिन वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन और सहयोग के आश्वासन के बाद, अब मैं पूरी निष्ठा और समर्पण से कांग्रेस को मजबूत करने का काम करूँगा।” — पंकज प्रजापति, नगर कांग्रेस अध्यक्ष, वनखेड़ी
“पंकज प्रजापति पार्टी के एक मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण पद छोड़ने की बात कही थी, जिसे समन्वय के साथ सुलझा लिया गया है। वे सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।” — राजकुमार केलू उपाध्याय, प्रदेश महासचिव, म.प्र. कांग्रेस
“हमने पंकज जी का इस्तीफा पहले ही अस्वीकार कर दिया था। आज सार्थक चर्चा के बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया है और वे वनखेड़ी में पार्टी का नेतृत्व करते रहेंगे।” — शिवाकांत गुड्डन पांडे, जिला अध्यक्ष, नर्मदापुरम
पत्रकार कुणाल पासवान इटारसी
कुणाल की कलम से
“राजनीति में मतभेद और व्यक्तिगत समस्याएं आती रहती हैं,
लेकिन जब लक्ष्य संगठन की मजबूती हो, तो संवाद के जरिए हर,
कश्मकश का समाधान संभव है वनखेड़ी कांग्रेस के लिए यह ,
एकजुटता आने वाले समय में संजीवनी साबित होगी।”

