इटारसी: पुलिस की सक्रियता और युवतियों की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी, संदिग्ध बाइक सवार के चंगुल से सुरक्षित निकलीं दो लड़कियां I
इटारसी। शहर में पुलिस की मुस्तैदी और दो युवतियों की बहादुरी के कारण एक बड़ी अप्रिय घटना होने से टल गई। कल देर रात ढाई बजे के करीब एक अनजान बाइक सवार ने गलत इरादे से दो युवतियों को लिफ्ट देकर जंगल की ओर ले जाने का प्रयास किया, लेकिन युवतियों की सूझबूझ और डायल 112 की त्वरित कार्रवाई ने आरोपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कल देर रात लगभग 2:30 बजे दो युवतियां अपने घर से काम के सिलसिले में इटारसी लौट रही थीं। वे रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 से 12 बंगला रोड की ओर उतरीं। इसी दौरान उन्हें अकेला पाकर एक अज्ञात बाइक सवार वहां पहुंचा। उसने युवतियों को अपनी बातों में फंसाकर विश्वास जीता और मदद के बहाने उन्हें लिफ्ट दी।
युवतियों को तब खतरे का अहसास हुआ जब वह व्यक्ति उन्हें मुख्य रास्ते से भटकाकर सुनसान जंगल की ओर ले जाने लगा।
साहस और सूझबूझ का परिचय
खतरे को भांपते हुए एक युवती ने अदम्य साहस दिखाया और चलती बाइक से नीचे कूद गई। उसने घबराते हुए वहां से गुजर रहे एक रेलकर्मी से मोबाइल मांगा और तुरंत डायल 112 पर सूचना दी।
सूचना मिलते ही डायल 112 में तैनात आरक्षक क्रमांक 338 संजय कुशवाहा और पायलट संतोष शाह बिना समय गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर मौजूद युवती को सुरक्षा दी और उसकी साथी की तलाश में रात भर सघन सर्चिंग अभियान चलाया।
पुलिस की मेहनत लाई रंग
कड़ी मशक्कत और आसपास के इलाकों में छानबीन के बाद दूसरी युवती भी जुझारपुर रोड पर सुरक्षित मिल गई। जब आरक्षक संजय कुशवाहा ने उससे पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसके जोर-जोर से चिल्लाने और विरोध करने के कारण बाइक सवार घबरा गया और उसे सुनसान रास्ते पर छोड़कर फरार हो गया।
परिजनों को किया सुपुर्द
पुलिस ने दोनों युवतियों को सुरक्षित अपनी सुरक्षा में लिया। पूछताछ के दौरान युवतियों ने अपना पता पलकमती नगर, इटारसी बताया। जिसके बाद डायल 112 की टीम ने देर रात ही उन्हें उनके निवास स्थान ले जाकर परिजनों के सुपुर्द किया। परिजनों ने पुलिस की इस तत्परता और सक्रियता के लिए आभार व्यक्त किया है।
आज का विचार: साहस और सूझबूझ ही संकट के समय सबसे बड़े हथियार होते हैं।
– पत्रकार कुणाल पासवान

