नर्मदापुरम: पुलिस अधीक्षक ने ली समंस मुंशी और कोर्ट मुहर्रिरों की समीक्षा बैठक, ई-प्रणाली और त्वरित तामिली पर दिया जोर I
नर्मदापुरम। जिले की कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज पुलिस कंट्रोल रूम में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। शनिवार, 02 मई 2026 को पुलिस अधीक्षक साई कृष्णा थोटा ने जिले के समस्त थानों में पदस्थ समंस मुंशी एवं कोर्ट मुहर्रिरों की बैठक लेकर उनके कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
तकनीकी माध्यमों के उपयोग पर विशेष निर्देश
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने न्यायालयीन कार्यों में आधुनिकता और गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-समंस की तामिली और ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से होने वाली कार्यवाहियों को समय सीमा के भीतर ही पूर्ण किया जाए। तकनीक के प्रभावी उपयोग से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
गंभीर अपराधों में प्राथमिकता तय करने के निर्देश
एसपी थोटा ने सख्त लहजे में निर्देशित किया कि गंभीर अपराधों से जुड़े समंस और वारंट की तामिली में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि:
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गंभीर अपराधों के वारंट की तामिली प्राथमिकता के आधार पर की जाए।
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सभी संबंधित कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें।
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कोर्ट और थाने के बीच समन्वय को और बेहतर बनाया जाए ताकि अपराधियों को समय पर सजा दिलाई जा सके।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन, डीपीओ राजकुमार नेमा एवं निरीक्षक उमाशंकर यादव भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को फील्ड पर आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को समझा और उनके निराकरण हेतु उचित मार्गदर्शन प्रदान किया।
आज का विचार: पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा ही न्याय प्रणाली की असली ताकत है।
– पत्रकार कुणाल पासवान

