इटारसी: अमृत-2.0 जल प्रदाय परियोजना का प्रशासनिक अमले ने किया निरीक्षण, 55% कार्य पूर्ण
इटारसी। नगर की जल प्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित अमृत-2.0 योजना के कार्यों का शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री निलेश शर्मा और मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमति रितु मेहरा ने तकनीकी टीम के साथ परियोजना की जमीनी हकीकत जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निर्माण कार्यों की समीक्षा और स्थल अवलोकन
निरीक्षण दल में नगर पालिका इंजीनियर मयंक अरोरा सहित टाटा कंपनी के विशेषज्ञ शामिल रहे। अधिकारियों ने निर्माणाधीन उच्च स्तरीय टंकियों (OHT), जल वितरण पाइपलाइन, घरेलू नल कनेक्शन और भविष्य की SCADA प्रणाली के कार्यों का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी को दो टूक निर्देश दिए:
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गुणवत्ता से समझौता नहीं: सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही होने चाहिए।
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समय सीमा का पालन: तय समय के भीतर प्रोजेक्ट को पूरा किया जाए।
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जनसुविधा का ध्यान: पाइपलाइन बिछाने के दौरान आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो।
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सड़क मरम्मत: जहाँ पाइपलाइन का काम खत्म हो चुका है, वहाँ सड़कों का सुधार कार्य तत्काल प्रभाव से शुरू किया जाए।
परियोजना पर एक नजर
अमृत-2.0 के तहत इटारसी नगर के लिए यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका लक्ष्य हर घर तक सुचारु पेयजल पहुँचाना है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| कुल लागत | ₹6.53 करोड़ (जी.एस.टी. सहित) |
| वर्तमान प्रगति | 55% भौतिक कार्य पूर्ण |
| प्रमुख संरचनाएं | 02 नई पानी की टंकियां (OHT) |
| पाइपलाइन नेटवर्क | लगभग 42.50 कि.मी. |
| कनेक्शन लक्ष्य | 807 घरेलू नल कनेक्शन |
| आधुनिक तकनीक | SCADA प्रणाली का क्रियान्वयन |
पृष्ठभूमि: उल्लेखनीय है कि इस परियोजना का कार्यादेश 22 जनवरी 2025 को जारी किया गया था, जिसे 2 वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है। परियोजना के पूर्ण होते ही नगर की पेयजल वितरण व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल और व्यवस्थित हो जाएगी, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और नागरिकों को नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
॥ आज का विचार ॥
“विकास की बुनियाद केवल पत्थरों और ईंटों से नहीं, बल्कि जन-सुविधाओं के प्रति ,
जवाबदेही और पारदर्शिता से बनती है।”
पत्रकार कुणाल पासवान

