टीकमगढ़। बाल साहित्य शोध सृजन पीठ, साहित्य अकादमी म.प्र. संस्कृति परिषद एवं म.प्र. शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘बाल साहित्य और रिश्तों की दुनिया’ विषय पर केंद्रित विमर्श एवं भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन होटल अपूर्व, टीकमगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती पूजन के साथ हुआ।
रिश्तों की मजबूती पर जोर, बाल साहित्य की भूमिका पर चर्चा
विमर्श सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में भोपाल से पधारी बाल साहित्य शोध सृजन पीठ की निदेशक डॉ. मीनू पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन का तानाबाना भावनाओं की कोमल डोर से बुना होता है, जिसमें वात्सल्य, स्नेह, ममता, प्रेम, सहयोग और विश्वास जैसे गुण शामिल हैं। ये सभी रिश्तों के माध्यम से प्राप्त होते हैं और इनकी डोर सदैव मजबूत रहनी चाहिए।
ममता चतुर्वेदी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि रिश्तों को प्रेम और स्नेह से बांधे रखना आवश्यक है तथा उन्हें जीवन भर निभाना चाहिए। वरिष्ठ साहित्यकार रामगोपाल रैकवार ने बताया कि बच्चों का बाल साहित्य से पहला परिचय माँ की लोरी से होता है, इसलिए लोरी को बाल साहित्य का प्रथम रूप माना जाता है।
कवयित्री सुश्री गीतिका वेदिका ने बाल साहित्य के स्वरूप पर चर्चा करते हुए इसे दो भागों में विभाजित किया—एक, बड़े साहित्यकारों द्वारा रचित बाल साहित्य और दूसरा, स्वयं बच्चों द्वारा सृजित बाल साहित्य। वहीं विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि बचपन में पढ़ी गई चीजें जीवन भर स्मृति में बनी रहती हैं।
कार्यक्रम का संचालन स्थानीय संयोजक राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन डॉ. मीनू पाण्डेय द्वारा किया गया।
कवि सम्मेलन में गूंजी बाल कविताएं, श्रोताओं ने सराहा
दूसरे सत्र में आयोजित भव्य कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने कविताओं का भरपूर आनंद लिया। कार्यक्रम की शुरुआत गीतिका वेदिका द्वारा सरस्वती वंदना से हुई।
बुंदेली कवि प्रदीप खरे ‘मंजुल’ ने अपनी लोकभाषा में रची कविता से वातावरण को जीवंत बना दिया। राजीव नामदेव ‘राना लिधौरी’ ने बाल कविता प्रस्तुत कर श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। रविन्द्र यादव और वीरेन्द्र यादव ने भी अपनी कविताओं से कार्यक्रम में उत्साह भर दिया।
इसके अलावा प्रसिद्ध बाल कवि वेद पस्तोर, संजय तिवारी ‘दिव्य’, राजेन्द्र यादव, देवेन्द्र कुमार संज्ञा और अजीत श्रीवास्तव ने भी अपने काव्य पाठ से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में साहित्य प्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही और पूरे आयोजन में बाल साहित्य के प्रति जागरूकता एवं रिश्तों की संवेदनशीलता का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित हुआ।
Services And Contact
Contact info : narmadasamay@gmail.com / +917974372722

