दिखावा मुक्त समाज की मिसाल: सोनतलाई में अक्षय तृतीया पर 17 यदुवंशी जोड़े परिणय सूत्र में बंधे I
नर्मदापुरम: अक्षय तृतीया के पावन अबूझ मुहूर्त पर ग्राम सोनतलाई में क्षत्रिय यादव यदुवंशी समाज द्वारा आयोजित निःशुल्क भव्य विवाह सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिला नर्मदापुरम के समस्त यदुवंशी समाज के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने समाज में फिजूलखर्ची रोकने और सादगी अपनाने का एक सशक्त संदेश दिया है।
पूर्णतः निःशुल्क आयोजन: समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ
मीडिया से चर्चा करते हुए मनीष यादव (रूपापुर) ने बताया कि यह सम्मेलन पूरी तरह निःशुल्क रखा जाता है। आज के समय में विवाहों में होने वाला बेतहाशा खर्च और कर्ज का बोझ परिवारों के लिए एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसी के समाधान हेतु:
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वर और वधू पक्ष से किसी भी प्रकार की कोई राशि नहीं ली जाती।
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इसका मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सहायता पहुँचाना और सामूहिक विवाह के प्रति जागरूक करना है।
रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुए वैवाहिक संस्कार
कार्यक्रम की शुरुआत वर पक्ष की भव्य बारात के साथ हुई, जिसके बाद समाज की पारंपरिक रीति-नीति के अनुसार विवाह संस्कार कराए गए।
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17 जोड़ों ने रचाई शादी: इस वर्ष कुल 17 जोड़ों ने अग्नि के सात फेरे लेकर और एक-दूसरे को वरमाला पहनाकर दांपत्य जीवन की शुरुआत की।
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अतिथि सत्कार: आयोजन समिति द्वारा वर-वधू पक्ष के साथ आए सभी मेहमानों के लिए भोजन एवं शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी।
सम्मान और आशीर्वाद
विवाह पश्चात आयोजन समिति द्वारा सभी नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र और उपहार भेंट कर उनके सुखद भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर यदुवंशी समाज के सभी वरिष्ठजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर वर-वधू को अपना स्नेहिल आशीर्वाद प्रदान किया।

आज के विचार
“विवाह केवल दो परिवारों का मिलन नहीं, बल्कि समाज की उन्नति का आधार है।
जब हम दिखावे को त्याग कर सामूहिक आयोजनों को अपनाते हैं,
तो हम केवल धन नहीं बचाते, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए एक ,
समृद्ध और तनावमुक्त भविष्य की नींव रखते हैं।”
पत्रकार-कुणाल पासवान
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