स्वास्थ्य सेवाओं की शुचिता पर जोर: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल की अधीक्षक ने किया शहरी स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण
इटारसी: शहर की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता जांचने के उद्देश्य से आज डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय चिकित्सालय की अधीक्षक द्वारा शहरी स्वास्थ्य केंद्र (नाला मोहल्ला) का औचक निरीक्षण किया गया। इस औचक कार्रवाई से स्वास्थ्य केंद्र के अमले में हड़कंप की स्थिति रही।
दवाइयों के स्टॉक और रजिस्टरों की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान अधीक्षक डॉ. कमलेश कुमरे ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया। उन्होंने विशेष रूप से:
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दवाइयों की उपलब्धता: अस्पताल के स्टोर में रखी जीवन रक्षक दवाओं और सामान्य औषधियों के स्टॉक की जांच की, ताकि मरीजों को बाहर से दवाइयां न खरीदनी पड़ें।
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दस्तावेजों का अवलोकन: ओपीडी रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर और कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया गया।
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दैनिक कार्यों की समीक्षा: रोजाना होने वाले उपचार और टीकाकरण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली।
दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
निरीक्षण के पश्चात डॉ. कुमरे ने केंद्र के प्रभारी और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल की अधीक्षिका डॉ. कमलेश कुमरे के साथ डॉ. प्रियंक मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कुणाल की कलम से
“स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती केवल बड़ी इमारतों से नहीं,
बल्कि छोटे केंद्रों पर मिलने वाली सही और समयबद्ध चिकित्सा से तय होती है।
जब जिम्मेदार अधिकारी धरातल पर उतरकर निरीक्षण करते हैं,
तो इससे न केवल व्यवस्थाएं सुधरती हैं, बल्कि आम जनता का सरकारी,
स्वास्थ्य तंत्र पर भरोसा भी गहरा होता है।”
रिपोर्ट: पत्रकार कुणाल पासवान

